राजमहल। राजमहल नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से होल्डिंग टैक्स जमा नहीं कर पाने वाले भवन स्वामियों पर बढ़ते ब्याज और पेनाल्टी को लेकर नगर पंचायत उपाध्यक्ष मो. मारूफ उर्फ गुड्डू ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस मामले को आम नागरिकों से जुड़ी महत्वपूर्ण और व्यावहारिक समस्या बताते हुए नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्राचार किया है। साथ ही राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग से विशेष पहल करते हुए बकाया होल्डिंग टैक्स के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू कराने की मांग की है।
मो. मारूफ ने अपने पत्र के माध्यम से कहा है कि नगर पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे भवन स्वामी हैं, जिन्होंने विभिन्न कारणों से पिछले कई वर्षों से अपना होल्डिंग टैक्स जमा नहीं किया है। अब जब ऐसे नागरिक अपने बकाया टैक्स का भुगतान कर नगर पंचायत के राजस्व में अपना योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं, तो उन्हें भारी-भरकम ब्याज और पेनाल्टी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के प्रावधानों के तहत बकाया होल्डिंग टैक्स पर प्रतिमाह लगभग एक प्रतिशत की दर से ब्याज/पेनाल्टी लगने के कारण लंबे समय से बकाया राशि काफी अधिक हो गई है। कई मामलों में स्थिति ऐसी हो गई है कि भवन स्वामी द्वारा देय मूल टैक्स की राशि की तुलना में ब्याज और जुर्माने की रकम बहुत अधिक हो चुकी है।
मूल टैक्स से अधिक हो गया ब्याज का बोझ
नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि लंबे समय तक टैक्स जमा नहीं करने वाले नागरिकों की गलती अपनी जगह हो सकती है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपना वर्षों पुराना बकाया टैक्स चुकाना चाहता है, तो उसे राहत का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारी ब्याज और पेनाल्टी की राशि देखकर कई नागरिक भुगतान करने में असमर्थ हो रहे हैं। परिणामस्वरूप वे बकाया टैक्स जमा करने के बजाय पीछे हटने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर तो पड़ ही रहा है, साथ ही नगर पंचायत को मिलने वाले राजस्व पर भी पड़ रहा है।
नगर पंचायत के राजस्व को भी हो रहा नुकसान
मो. मारूफ ने कहा कि होल्डिंग टैक्स नगर पंचायत की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी राजस्व से नगर क्षेत्र में सड़क, नाली, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल सहित विभिन्न नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलती है।
यदि भारी ब्याज और पेनाल्टी के कारण नागरिक बकाया टैक्स जमा करने से पीछे हटते हैं, तो इससे नगर पंचायत को भी अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं हो पाएगा। इसलिए ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जिससे नागरिकों को भी राहत मिले और नगर पंचायत का राजस्व भी बढ़े।
छह महीने की विशेष छूट अवधि की मांग
नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की है कि आम नागरिकों के हित को ध्यान में रखते हुए छह महीने की विशेष छूट अवधि के साथ एकमुश्त समाधान योजना लागू की जाए।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इस विशेष अवधि के दौरान जो भवन स्वामी अपना संपूर्ण बकाया मूल होल्डिंग टैक्स एकमुश्त जमा करते हैं, उन्हें वर्ष 2016 से अब तक लगाए गए चक्रवृद्धि ब्याज एवं पेनाल्टी में भारी कटौती अथवा पूर्ण माफी का लाभ दिया जाए।
उनका कहना है कि ऐसी योजना लागू होने से बड़ी संख्या में ऐसे भवन स्वामी, जो वर्तमान में ब्याज और जुर्माने की भारी राशि के कारण टैक्स जमा नहीं कर पा रहे हैं, वे आगे आकर अपना बकाया टैक्स जमा कर सकते हैं।
नगर पंचायत बोर्ड से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजने की मांग
मो. मारूफ उर्फ गुड्डू ने नगर पंचायत प्रशासन से इस विषय को नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में प्रमुखता से रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर इसे राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाना चाहिए, ताकि राजमहल सहित राज्य के अन्य नगर निकायों में भी आम नागरिकों को इस प्रकार की राहत देने के लिए ठोस नीति बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना केवल नागरिकों को राहत देने वाली योजना नहीं होगी, बल्कि इससे नगर पंचायत का पुराना बकाया राजस्व भी बड़ी मात्रा में वसूल किया जा सकेगा।
नागरिकों और नगर पंचायत दोनों के हित में होगा फैसला
नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार और नगर निकाय को इस मामले को केवल बकाया टैक्स की वसूली के नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे जनहित और राजस्व वृद्धि दोनों से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि ब्याज और पेनाल्टी में उचित छूट दी जाती है और नागरिकों को छह महीने का अवसर मिलता है, तो बड़ी संख्या में लोग एकमुश्त राशि जमा करने के लिए आगे आ सकते हैं। इससे नागरिकों पर वर्षों से बढ़ता आर्थिक बोझ कम होगा और नगर पंचायत को भी लंबे समय से लंबित राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नगर पंचायत प्रशासन इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर सकारात्मक पहल करेगा और बोर्ड के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार तक भेजेगा, ताकि होल्डिंग टैक्स के बकायेदार भवन स्वामियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
मो. मारूफ ने कहा कि सरकार यदि एकमुश्त समाधान योजना लागू करती है, तो इससे आम नागरिकों को राहत मिलने के साथ-साथ नगर पंचायत की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों को भी मजबूती मिलेगी।

