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साहिबगंज।इंसान की मृत्यु के बाद मोक्ष की कामना को लेकर पिंडदान किए जाने की परंपरा तो आपने सुनी होगी, लेकिन क्या आपने कभी किसी सड़क का पिंडदान होते देखा है? इन दिनों सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा एक वीडियो इसी वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें एक सड़क का बाकायदा पिंडदान करते हुए व्यंग्यात्मक तरीके से व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि संबंधित सड़क का निर्माण महज पांच महीने पहले ही हुआ था। लेकिन निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सड़क की स्थिति खराब होने लगी और जगह-जगह सड़क टूटने तथा क्षतिग्रस्त होने के दृश्य सामने आने लगे।
सड़क की बदहाल स्थिति को देखकर एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने अनोखे और व्यंग्यात्मक अंदाज में सड़क का ही पिंडदान कर दिया। वीडियो के जरिए सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
वीडियो में व्यंग्य करते हुए कहा जा रहा है कि सड़क लोगों के आवागमन के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसकी स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि इसे ज्यादा दिनों तक चलने ही नहीं दिया गया।
इंजीनियर और ठेकेदार की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
सड़क की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग व्यंग्य करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि कहीं इंजीनियर, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़क समय से पहले ही ‘दम’ तो नहीं तोड़ गई?
हालांकि, इस तरह की बातें फिलहाल सोशल मीडिया पर किए जा रहे व्यंग्य और दावों तक सीमित हैं।इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पांच महीने में सड़क खराब होने पर बड़ा सवाल
यदि सड़क वास्तव में पांच महीने पहले ही बनकर तैयार हुई थी और इतने कम समय में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?
- क्या सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया था?
- क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की गई थी?
- निर्माण के बाद विभागीय स्तर पर सड़क का निरीक्षण हुआ था?
- अगर गुणवत्ता की जांच की गई थी, तो फिर इतनी कम अवधि में सड़क की हालत खराब कैसे हो गई?
- सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लेने वाले ठेकेदार और संबंधित विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी या नहीं?
वायरल वीडियो के बाद जांच की मांग
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों पर है। लोग मांग कर रहे हैं कि सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और यदि निर्माण में किसी तरह की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल वायरल वीडियो ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।
फिलहाल वायरल वीडियो ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। सड़क जनता के आवागमन के लिए बनाई गई थी, लेकिन यदि महज पांच महीने में ही इसकी हालत खराब हो गई, तो इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने, निर्माण में हुई संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार या संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही सड़क की जल्द मरम्मत कराकर लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की जा रही है।



