विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, गंगा एवं डॉल्फिन संरक्षण पर विशेष जोर

aaryawart duniya
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विश्व पर्यावरण दिवस साहिबगंज



साहिबगंज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर साहिबगंज वन प्रमंडल द्वारा राजमहल प्रखंड अंतर्गत सुकसेना घाट में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजमहल विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, राजमहल सांसद प्रतिनिधि संजीव समू हेंब्रम, डॉल्फिन वैज्ञानिक डॉ. शोभना राय सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधे को सीचकर किया गया। एवं गंगा तट पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, गंगा स्वच्छता तथा गंगा डॉल्फिन संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था। एवं कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं पर्यावरण संरक्षण विषयक परिचर्चा के साथ हुआ। इस अवसर वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे ने सभी अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जनसहभागिता ही पर्यावरण संरक्षण की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने लोगों से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए अपने दैनिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजमहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा अनिवार्य विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। राजमहल क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, गंगा तट एवं समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण है तथा इन धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।


साहिबगंज वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण पर्यावरणीय चुनौतियाँ निरंतर गंभीर होती जा रही हैं। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रत्येक नागरिक से प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में उपस्थित डॉल्फिन वैज्ञानिक डॉ. शोभना राय ने गंगा डॉल्फिन संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गंगा डॉल्फिन नदी पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक प्राणी है। उन्होंने कहा कि साहिबगंज क्षेत्र में गंगा डॉल्फिन की संख्या में हो रही वृद्धि गंगा नदी की बेहतर पारिस्थितिक स्थिति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने स्थानीय समुदायों से गंगा एवं उसके जलीय जैवविविधता संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील बनने का आग्रह किया।


राजमहल सांसद प्रतिनिधि संजीव सोमू हेम्ब्रम ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। उन्होंने वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता को पर्यावरणीय सुरक्षा के प्रमुख स्तंभ बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इन प्रयासों में योगदान देने का आह्वान किया।


कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, गंगा स्वच्छता तथा डॉल्फिन संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। उपस्थित लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प भी दिलाया गया। एवं कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वनकर्मियों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया गया। गंगा तटवर्ती क्षेत्र में लगाए गए पौधों के माध्यम से हरित आवरण बढ़ाने तथा प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हुए पर्यावरण-सुरक्षित भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे, जिला परिषद सदस्य, वनपाल राणा रंजीत, प्रधान वनरक्षी पप्पू कुमार, प्रेम कुमार, सनी कुमार सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी, वनरक्षी, वनकर्मी, स्थानीय ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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