राज्य के एकमात्र रामसर साइट उधवा पक्षी आश्रयणी में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस सम्पन्न

aaryawart duniya
0


झारखंड राज्य के एकमात्र रामसर साइट साहिबगंज जिले के उधवा पक्षी आश्रयणी में वन प्रमंडल के तत्वाधान में 27 एवं 28 जनवरी 2026 को एशियन वॉटरबर्ड सेंसस अंतर्गत पक्षी सर्वेक्षण सफलतापूर्वक किया गया। सर्वे में एडब्ल्यूसी समन्वयक सत्य प्रकाश, मंदार नेचर क्लब के संस्थापक अरविंद मिश्रा, पक्षी विशेषज्ञ आरुष कुमार, पक्षी पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार, वनरक्षी अखिलेश मरांडी व अन्य वनकर्मियों की सक्रिय सहभागिता रहे। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का वार्षिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य आर्द्रभूमि क्षेत्रों में पाए जाने वाले जलपक्षियों की स्थिति एवं आवास गुणवत्ता का गणना करना है। इस सेंसस से प्राप्त जानकारी का उपयोग जैव-विविधता संरक्षण, निगरानी और आवास प्रबंधन योजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए किया जाता है।
सर्वेक्षण में उधवा पक्षी आश्रयणी में विभिन्न प्रवासी और स्थायी पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रमुख प्रवासी प्रजातियों में नॉर्दर्न पिंटेल, गर्गेनी, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, यूरेशियन कूट, ब्लैक-हेडेड गल और ब्लैक-टेल्ड गॉडविट शामिल हैं। वहीं स्थायी रूप से पाए जाने वाले प्रमुख पक्षियों में फुलवस व्हिसलिंग डक, एशियन ओपनबिल, ओपनबिल स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, पर्पल हेरॉन, ग्रे हेरॉन, विभिन्न एग्रेट प्रजातियाँ, व्हाइट-ब्रेस्टेड वाटरहैन और किंगफिशर की कई प्रजातियाँ उल्लेखनीय रही हैं। विशेष रूप से फुलवस व्हिसलिंग डक की उपस्थिति इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक देखी गई, जो आश्रयणी के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और प्रभावी संरक्षण प्रबंधन का सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, रामसर साइट का दर्जा प्राप्त होने के बाद उधवा पक्षी आश्रयणी में संरक्षण, निगरानी और आवास प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र जलपक्षियों के लिए एक सुरक्षित, स्थायी और अंतरराष्ट्रीय महत्व का प्रमुख आवास स्थल बन चुका है।








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!