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| कस्तूरबा विद्यालय |
साहिबगंज में बेटियों को सुरक्षित वातावरण देने, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उधवा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मंगलवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम उधवा के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मे आयोजित किया गया। जिसमें बालिकाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता का दिया गया संदेश:-
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संरक्षण पदाधिकारी चंदा कुमारी ने कहा कि यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य की प्रत्येक बच्चे को सही जानकारी होनी चाहिए, सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और मजबूत संरक्षण मिलना उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने समाज के हर नागरिक से अपील की कि वे बच्चों के हितों की रक्षा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में साहस के साथ खड़े होने, आत्मनिर्भर बनने और आत्मरक्षा के कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया गया।
महत्वपूर्ण कानूनों और सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी:-
इस सत्र के दौरान छात्राओं को गंभीर और संवेदनशील विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:-
सुरक्षा और कानून:-
गुड टच-बैड टच की समझ, बाल विवाह और बाल श्रम का विरोध, यौन शोषण से बचाव, पोक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम।
कल्याणकारी योजनाएं:-
सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया।
सहायता केंद्र:-
सखी वन स्टॉप सेंटर और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर्स की जानकारी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंचाई जा सके।
माहवारी स्वच्छता पर भी किया गया जागरूक:-
स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाते हुए बच्चियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में भी जागरूक किया गया और झिझक तोड़कर स्वच्छता अपनाने की सलाह दी गई। इसके साथ ही सेनेटरी पैड का वितरण किया गया और युवाओ को नशा मुक्ति के प्रति भी संकल्प दिलाया गया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (C3) मोहम्मद खालिद और चाइल्ड लाइन से मोहम्मद इकबाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर विद्यालय के शिक्षक,शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।

