राजमहल प्रखंड क्षेत्र के खुटहरी पंचायत अंतर्गत छोटा दालाही गांव में शनिवार को कृषक पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन विमला देवी के नेतृत्व में किया गया. इस दौरान मटर मशरूम खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. महिला मशरूम की खेती से कम पूंजी में अधिक नफा कैसे कर आत्मनिर्भर हो सकते हैं. जिसे लेकर ट्रेनर मंटू कुमार व एटीएम प्रवीण कुमार ने प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग की जानकारी दिए. प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात किसानों द्वारा उत्पादित मशरूम की पहली कटाई आज की गई. तोड़े गए मशरूम की गुणवत्ता उत्कृष्ट पाई गई, जिसे स्थानीय बाजार में अच्छे दाम पर बेचा गया. इस प्रथम विक्रय से किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनमें उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा. ट्रेनरों ने किसानों को मशरूम की वैज्ञानिक ढंग से कटाई, स्वच्छता बनाए रखने, ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं भंडारण की सही तकनीकों की जानकारी दी. इसके साथ ही बाजार की मांग, उचित मूल्य निर्धारण तथा निरंतर बिक्री के तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई. इस संबंध में संचालक विमला देवी ने कृषक पाठशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक आय देने वाला व्यवसाय है. जो किसानों के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं के लिए भी आजीविका का सशक्त माध्यम बन सकता है. कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य में मशरूम उत्पादन को बड़े स्तर पर अपनाने का संकल्प लिया. यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुई.