साहिबगंज एलआईसी एचएफएल हृदय परियोजना के अंतर्गत निर्देश संस्था के द्वारा एलआईसी एचएफएल सीएसआर के सहयोग से राजमहल प्रखंड में पुनर्निर्मित पिपरजोरिया हाट बाजार का उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त दीपक कुमार दुबे, एलआईसी एचएफएल सीएसआर के रीजनल लीड सौरव चक्रवर्ती, निर्देश संस्था के सचिव डॉ० सत्येंद्र कुमार सिंह, निदेशक बिनोद कुमार, खुटहरी पंचायत मुखिया मसीह टुडू के द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
हृदय परियोजना के तहत पाँच शेड का पुनर्निर्माण, महिला एवं पुरुष शौचालय तथा यूरिनल का निर्माण,17 सोलर लाइट की व्यवस्था, बाला एवं फर्श की पेंटिंग, पार्किंग एवं जल निकासी की सुविधा तथा सूचना एवं पार्किंग बोर्ड की व्यवस्था की गई है। इन सुविधाओं से हाट बाजार में आने वाले लोगों को बेहतर एवं सुगम वातावरण उपलब्ध होगा।
निर्देश संस्था वर्ष 1995 से ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक उत्थान एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्था विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तीकरण तथा ग्रामीण समुदायों के समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रही है। झारखंड में संस्था ने वर्ष 2014 से 2021 तक पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियाँ संचालित कीं। वर्ष 2023 से एलआईसी एचएफएल सीएसआर के सहयोग से संस्था द्वारा विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। एलआईसी एचएफएल हृदय परियोजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई सुविधाएँ एवं उन्नत बीज उपलब्ध कराने, महिलाओं को लघु उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने, सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त करने तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं के विकास के माध्यम से समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाना भी परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। शिलापट्ट का फीता काट कर और नारियल फोड़ कर उपायुक्त के द्वारा हाट बाजार का उद्घाटन किया गया। जिसके बाद परियोजना अंतर्गत हुए कार्यों और उद्यमों के स्टॉल का भ्रमण किया। इस परियोजना के माध्यम से पिपरजोरिया हाट बाजार में विकसित सुविधाएँ स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी तथा क्षेत्र में बेहतर आधारभूत संरचना के विकास को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में निर्देश संस्था के सभी कार्यकर्त्ता, के साथ साथ परियोजना अंतर्गत लाभान्वित 500 लाभुक उपस्थित थे जिसमें महिला, किशोरी, और ग्रामीणों ने भाग लिया।


